१० गुप्त कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण जो आपको जानना चहिये
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण जो आप थोड़ा ध्यान दे तो आपको जल्दी पता चल जाएगा। क्योंकि इसके लक्षण का मानव शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।
हमारे शरीर में लिवर का एक अहम उपयोग है यह हमारे शरीर मे प्रोटीन के संश्लेषण में मदद करता है,पाचन में भी ये अहम भूमिका निभाता है। हमारे शरीर में लिवर के द्वारा एक मोम या वसा जैसे पदार्थ का निर्माण होता है जसे हम कोलेस्ट्रॉल कहते हैं।
हमारे शरीर में इसके कई उपयोग हैं जैसे कि विटामिन डी,कोशिका झिल्ली,पाचन व कई प्रकार के हॉर्मोन के गठन में इसके कई महत्त्वपूर्ण उपयोग हैं।कोलेस्ट्रॉल पानी में अघुलनशील होते हैं जिसके कारण यह हमारे शरीर के अंगों तक खुद जाने में असमर्थ होता है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण, कारण और उपचार:
हमारे शरीर में एक लिपोप्रोटीन्स नामक कण होता है जिसकी सहायता से कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के अंगों तक पहुँचता है हमारे शरीर मे लिपोप्रोटीन्स का अहं भूमिका कोलेस्ट्रोल को रक्तप्रवाह के माध्यम से शरीर के अन्य सभी अंगों तक पहुंचाना होता है।
हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल मुख्यत 2 प्रकार के पाए जाते हैं
- एलडीएल(कम घनत्व वाला लिपोप्रोटीन्स),इससे हमें काफी नुकसान है इसके कारण हार्टअटैक या स्ट्रोक्स जैसी प्राणघातक रोगों से ग्रस्त हो समते है।इसे खराब कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है।
- एचडीएल(अधिक घनत्व वाले लिपोप्रोटीन),इसे एक अच्छा कोलेस्ट्रॉल के रूप में माना जाता है।इसका मुख्य कार्य एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को धमनियों से वापस लिवर तक पहुंचाना है।
हाई कोलेस्ट्रॉल क्या है?
उच्च मात्रा में वसा से युक्त खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन करने से हमारे शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की उत्पत्ति अधिक मात्रा में होती है जो कि आगे चलकर हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी चिंतनीय रोग का कारण बनती हैं।
हमारे शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के मात्रा में वृद्धि होने के कारण हमारे रक्त वाहिकाओं में वसा की जमावट होने लगती है जो आपकी धमनियों के माध्यम से पूर्ण रक्तप्रवाह में अड़चनें पैदा करती हैं जिसके कारण आपके शरीर में कई प्रकार की समस्याएं उत्त्पन्न होने लगती हैं जिनमें आपके दिल और मस्तिक की प्रभावीत होने का खतरा अधिक रहता है ऐसा होने पर यह आपके लिए घातक प्रतीत हो सकता है इसमें जान जाने की संभावना भी रहती है।
इस रोग से गग्रसित होने की संभावना मनुष्य को किसी भी उम्र में रहता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल हृदय का दौरा,स्ट्रोक्स,परिधीय धमनी रोग व एथेरोस्क्लेरोसिस जैसे कई जोखिम भरे कारकों का कारण बन सकता है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण:
कोलेस्ट्रॉल लिवर द्वारा उत्पन्न होने वाला एक का फैट है जिसकी जरूरत हमारी शरीर को होती है परंतु अगर इसका उत्पादन जरूरत से अधिक हो तो ये हमारी कोशिकाओं में जमने लगते हैं जिसके कारण कई प्रकार के रोग उत्पन्न हो सकते हैं।
इसका सही वक्त पर इलाज तब हीं मुमकिन है जब आपको पता हो कि आप कोलेस्ट्रॉल से ग्रस्त हैं और इसके लिए आपको इसके लक्षणों की जानकारी होनी जरूरी है।कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना हमेशा खतरनाक साबित होता है क्योंकि इसमें वृद्धि होने का मतलब है कभी भी दिल का दौर पर सकता है।
आइये इसके लक्षणों के बारे में जानते हैं ताकि आपको समय रहते यह ज्ञात हो जाये कि आपको हाई कोलेस्ट्रॉल है
- जल्द थक जाना
थोड़ी सी काम करने पर अगर आपको थकान महसूस होता है तो इस बात की अधिक संभावना है कि आपको हाई कोलेस्ट्रॉल है ऐसे तो हाई कोलेस्ट्रॉल के बहुत से लक्षण हैं लेकिन ऐसा पाया गया है कि हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों को बहुत जल्द थकान महसूस होने लगता है।
अगर आपको भी ऐसा महसूस होता है तो समय रहते अपने करीबी चिकित्सक से सलाह लें क्योंकि ऐसे छोटे छोटे काम या जल्दी जल्दी काम करने पर थकान का महसूस होना साफ तौर पर हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत देता है।
- हाथ पैर में सुन्न हो जाना
हाई कोलेस्ट्रॉल से ग्रस्त रहने के दरमियाँ आपको कई बार अपने हाथ पैर में सिहरन या बेवजह दर्द महसूस होगा ।ऐसा इसलिए क्योंकि हाई कोलेस्ट्रॉल के वक़्त रक्त वाहिकाओं में अवरोध उत्तपन होने के साथ साथ वो बन्द होने लगते हैं।कई बार ऐसा शरीर की पेरिफेरल नसों में पर्याप्त ऑक्सिजन और पोषक तत्वों से भरपूर खून नहीं पहुंच पाने के वजह से भी महसूस होता है।
इसलिए जब कभी आपके साथ ऐसा हो तो अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता बरतें और डॉक्टर से उच्चित उपचार लें।
- गर्दन और सिर के पिछले भाग में दर्द का अनुभव
अगर आप हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्या से पिड़ित हैं तो आपके खून में कोलेस्ट्रोल बढ़ने के वजह से कुछ रक्त वाहिकाओं में वसा की वृद्धि के कारण वे बन्द होने लगते हैं जिसके कारण आपके सिर में रक्त की प्रवाह में अर्चन होती हैं और सिर के सर्क्युलेशन में असर पड़ता है जिसके कारण की सर के पिछले हिस्से में दर्द का अनुभव होता है।
ऐसे में कई बार गर्दन और कंधे में आपको सूजन या दर्द हो सकता है।हाई कोलेस्ट्रॉल के इस प्रस्तिथि में डॉक्टर का पहला सलाह होता है कि आप अधिक से अधिक आराम करें।
- असामान्य रूप से हृदय गति का बढ़ना
अपनी ज़िंदगी मे हम हर रोज कई फिसिकल एक्टिविटी करते हैं जैसे कि दौर लगाना,एक्सरसाइज करना,सीढियां चढ़ना या भारी सामान उठाना ये सब से हमारी हृदय गति तेज हो जाती है इसमें कोई चिंता वाली बात नही है परंतु अगर आप थोड़ी दूर चलने पर या काम करने पर सांस फूलने या थकान जैसी समस्या का सामना करते हैं तो ये आपके लिए हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत है।
हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों में हृदय गति में तेज़ी की वजह से हार्ट अटैक का संभावना हर वक़्त बना रहता है साथ ही कई बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।जब कभी आपको ऐसा महसूस हो तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करें क्योंकि ऐसी लक्ष्णों को नजरअंदाज करना आपके लिए काफी मुश्किलें पैदा कर सकती है।
- लगातार वजन में बढ़ोतरी होना
अगर आप हाई चोलेस्ट्रॉल से ग्रसित हैं तो ये जाहिर सी बात है कि आपको सारा दिन भारी भारी से महसूस होगा और तो और आपके शरीर का वजन अनुच्चित रूप से बढ़ने लगता है।अगर आपका हमेशा से सामान्य वजन रहने वाला शरीर बिना किसी वजह के लगातार बढ़ते जा रहा हो तो ये आपके लिए हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत है जिसे नज़रअंदाज़ न करें और समय रहते उच्चित इलाज करवाएं।
ऐसे वक्त में डॉक्टरों का उत्तम सलाह ये रहता है कि सबसे पहले अपने वजन को कम करें और साथ हिं साथ अपने खान पान पर सावधानी बरतें।
- अधिक पसीना आना
डाक्टरों का कहना है कि किसी वयक्ति को पसीना आना काफी आम बात है परंतु यही पसीना किसी वयक्ति को जरूरत से अधिक आये तो ये उसके लिए एक चिंता वाली बात है।दरसल जब कभी किसी को जरूरत से अधिक पसीना आये तो ये हाई कोलेस्ट्रॉल का भी लक्षण हो सकता है क्योंकि हाई कोलेस्ट्रॉल में मोटापे के कारण अधिक पसीना आना मुमकिन है इसलिए ऐसी बातों को नजरअंदाज बिल्कुल भी ना करें और चिकित्सक से इस विषय के बारे में सलाह ले तथा ऐसे वक्त में उच्चित इलाज के साथ आराम बेहद जरूरी है।
- आंखों में ग्रे रंग का रिंग बनना
इसका पता लगाने के लिए आईने के सामने खड़े होकर अपनी आंखों को अच्छे से देखे की क्या कहीं आपको अपने आंखों के सफेद भाग यानी कोर्निया में कोई रिंग के आकार का मार्क दिखता है या कोई आर्क जैसा मार्क अगर आप ऐसा कुछ देखते हैं तो इसका साफ साफ स्पष्ट रूप से यह मतलब है कि आप हाई कोलेस्ट्रॉल से ग्रस्त है और इसका इलाज समय रहते करवा लें क्योंकि ऐसे वक्त में असावधानी बरतना आपके आंखों के लिए नुक्सानदेहि साबित हो सकते हैं।
- लगातार पैरों में दर्द का अनुभव होते रहना
आम तौर पर जब हमें अपने पैरों में दर्द का अनुभव होता है तो हम इसे हल्के में ले लेते हैं और अगर ऐसा हमारे साथ बार बार होता है तो हम खुद से ही किसी भी पेनकिलर का सेवन कर लेते हैं परंतु बार बार इस पेन किलर का प्रयोग हमारे स्वास्थ्य लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं।
इसलिए जब कभी आपको ऐसा महसूस हो कि आपके पैर में लगातार दर्द है तो अपने डॉक्टर से इलाज करवाएं क्योंकि बार बार पैर में दर्द रहना हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत देता है जिसे हमें हल्के में बिल्कुल भी नहीं लेना चाहिए।
- आंखों के पलकों पर पीला रंग आना
हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित मरीजों में कई प्रकार के लक्षण पाए जाते हैं जो कि काफी कठिन परिस्थिति उत्तपन करते हैं परंतु इस प्रस्तिथि में आपको किसी प्रकार का हानि नही होगा बस यह आपको ज्ञात करता है कि आपको हाई कोलेस्ट्रॉल है।
इस लक्षण में आपको अपने आंखों के ऊपरी या फिर नीचले पलकों पर पीले रंग की उत्तपत्ति दिख सकती है परंतु इसमे आपको किसी प्रकार का दर्द का अनुभव नहीं होता।
इस लक्षण से आपको घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नही है क्योंकि इससे आपके आंखों को किसी प्रकार की हानि नहीं होती और ना ही आपकी आंखों के रोशनी को कोई हानि होती है परंतु इसका मतलब ये नही की आप इसे हल्के में लें क्योंकि ऐसा होना आपको सीधा संकेत देता है कि आपके रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक है या आपको हाई कोलेस्ट्रॉल है इसलिए किसी चिकित्सक से जल्द इलाज करवाएं।
इस पीलेपन से राहत के लिए कई प्रकार के इलाज हैं परंतु इससे हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए आपको अपने कोलेस्ट्रॉल की समस्या को नियंत्रित करना होगा।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण:
शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना एक बहुत ही घातक रोग है इसलिये एक स्वस्थ और अच्छा जीवन जीने के लिए इसे नियंत्रण करना बहुत जरूरी है।रक्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कई कारण हैं जिनमे से कुछ नीचे विस्तृत किये गए हैं
- ऐसा होने के कारण में अधिक फैट से युक्त पदार्थों का सेवन भी शामिल हैं जैसे कि तले हुए खाद्य पदार्थों के सेवन या पैकजयुक्त खाद्य पदार्थ जैसे बिस्कुट या चिप्स के अधिक खाने से होते हैं।जानवरों से बने पदार्थ जैसे मीट,दूध,अंडा,पनीर या मक्खन में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल अधिक मात्रा में होतें हैं जो की हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण बनते हैं।
- शरीर का वजन बढ़ना या फैट के बढ़ने के कारण शरीर मे खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल की मात्रा में भी अधिक वृद्धि होती है जिसके कारण भी हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा रहता है।
- शारिरिक गतिविधियों के अभाव के कारण भी हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा होता है।
- कई बार लंबे समय से चलते आ रहे किडनी रोग या लिवर से संबंधित रोग भी हाई कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा दे सकते हैं।
- हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण कई बार आपका परिवारिक इतिहास भी हो सकता है यदि आपके पूर्वजों से यह रोग चलते आ रहा है तो अधिक संभावना है कि आप भी इस रोग से ग्रस्त हो सकते हैं।
- कई बार अनेक प्रकार के दवाओं के कारण भी आपके शरीर में एलडीएल की मात्रा में वृद्धि होती है जिसके कारण हाई कोलेस्ट्रॉल का संभावना बना रहता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल के उपचार:
हाई कोलेस्ट्रॉल जैसे घातक रोग का उपचार अधिक आवश्यक है।
इसका उपचार दो प्रकार की विधियों से किया जा सकता है
- अपने जीवन शैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव से
- कई प्रकार के दवाओं से जैसे कि स्टैटिन के उपयोग से
हाई कोलेस्ट्रॉल से मुक्त होने के लिए आप अपने जीवन शैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करके उपचार कर सकते हैं जैसे कि तले भुने पदार्थों का सेवन बन्द करके,दिल के लिए स्वस्थ भोजन का सेवन करके,अपने बढ़े हुए वजन को कम करके एक स्वस्थ वजन बनाये रखना,प्रतिदिन नियमित समय पर वयायाम और योग करके,धूम्रपान से दूर रह कर इन सबसे महत्वपूर्ण है एक उच्चित और सुद्ध डाइट का सेवन करके।
आप अपने जीवनशैली में बदलाव के साथ साथ स्टैटिन नामक दवाएं के सेवन से भी हाई कोलेस्ट्रॉल को ठीक किया जा सकता है।
कुछ लोगों को दिल के दौरे और स्ट्रोक्स का खतरा हर वक़्त बना रहता है ऐसे में वो लोग स्टैटिन नामक दवाओं का उपयोग कर सकते हैं जिनसे खतरे का जोखिम कम रहता है।
वहीं अन्य लोगों को स्टैटिन जैसी दवाओं के सेवन का सलाह चिकित्सक हृदय के दौरे और स्ट्रोक्स के स्तर की सही माप करने के बाद ही देते हैं।
सारांश:
कोलेस्टेरॉल शरीर में लीवर की कमजोरी के कारण होता है। यह लीवर में मौजूद एक प्रकार की वसा की मात्रा की अधिकता के कारण होता है। यह शरीर के लिए महत्वपूर्ण है किन्तु अताधिम मात्रा में कोलेस्टेरॉल शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक है।
अधिक कोलेस्टेरॉल के कारण हृदय संबंधी रोग होते हैं जैसे दिल का दौरा पड़ना, स्ट्रोक, दिल की नली कमजोर होना।
इसके अनेक उपचार हैं किन्तु परन्तु इससे पूर्ण रूप से छुटकारा पाने के लिए आपको इसे नियंत्रित करना अति आवश्यक है।
