बार बार पेशाब आना के कारण, लक्षण, रोकने के उपाय
आज की रोजमर्रा की जिंदगी में हर इंसान किसी न किसी बीमारी से जूझ रहा है। इसका एक मुख्य कारण हमारे शरीर का कमजोर होना और इम्यून सिस्टम की दुर्बलता है।
बार बार पेशाब आना एक गंभीर समस्या नहीं मानी जाती है और लोग इसे नजरअंदाज करते हैं और सोचते हैं कि यह तो बस एक दो दिन में अपने आप ठीक हो जाएगा।
यह सारी धारणाएं गलत है, बार बार पेशाब आना अनेक गंभीर बीमारियों का सूचक है और आपके शरीर के पाचन तंत्र की कमजोरी के कारण हो सकता है।
शरीर से मूत्र या पेशाब का निष्कासन एक जटिल एवं संतुलित क्रिया है जिसमें भंग आने से बार बार पेशाब, पेशाब में जलन, इत्यादि पेशाब संबंधी रोग होते हैं।
बार बार पेशाब आना के कारण, लक्षण, रोकने के उपाय:
इस लेख में हम मूत्र संबंधी पूरी जानकारी देने का प्रयास कर रहे हैं इसलिए कृपया ध्यानपूर्वक पढ़ें।
इस लेख में निम्नलिखित विषयों का विस्तृत वर्णन है –
- बार बार पेशाब आना क्या है?
- बार बार पेशाब क्यों आता है?
- बार बार पेशाब आने के लक्षण
- बार बार पेशाब आने के उपचार
बार बार पेशाब आना क्या है?
शरीर से पेशाब का बार बार बाहर आना कफ और वात दोष के कारण होता है। जब शरीर विभिन्न परिस्थितियों में रहता है तो अनेक रंग के मूत्र शरीर से निकलते हैं जो हमारे शरीर की स्वास्थ्य के बारे में सूचित करते हैं।
अगर पेशाब हल्का पीला आ रहा है तो यह आपके स्वस्थ होने का संकेत है परन्तु अगर वो और कुछ दूसरे रंगों का है तो इस बात को गंभीरता से लेनी चाहिए। पेशाब के रंगों के बारे में सही ज्ञान होने पर ही भविष्य में आने वाली बीमारियों का आभास होता है।
निम्नलिखित पेशाब के मुख्य रंग और उनके अर्थ वर्णित हैं –
- गहरा पीला रंग – पेशाब का सामान्य से अधिक गहरा पीला होना पानी की कमी दर्शाता है। अधिक पानी और तरल पदार्थ के सेवन से यह परेशानी ठीक हो सकती है।
- लाल रंग – जब पेशाब का रंग लाल होने लगे तो वह मूत्र में रक्त के घुलाव या दूसरे हानिकारक तत्वों के फैलाव को सूचित करता है। ऐसे में शीघ्र ही किसी डॉक्टर से मिलें और सलाह लें क्योंकि यह किडनी या मूत्राशय प्रोटेस्ट ग्रंथि या रक्तमेह के कारण हो सकता है।
- गहरा लाल या काला – पेशाब का गहरा लाल या काला होना एक बुरा संकेत है। यह शरीर में अनेक प्रकार के रोग व्याधियों का सूचक है। यह लीवर, ट्यूमर, हेपेटाइटिस, इत्यादी गंभीर बीमारियों के कारण हो सकता है। ऐसी स्थिति में शीघ्र ही किसी चिकित्सक को दिखाएं और उचित सलाह पाएं।
- नारंगी रंग – नारंगी रंग का पेशाब आम तौर पर तब आता है जब आप किसी अन्य दवा का सेवन कर रहे है। इसका एक और कारण प्राकृतिक एसिड का सेवन भी है। यह कोई बहुत घबराने वाली बात नहीं है, निम्नलिखित में से कुछ घरेलू उपाय अपनाएं और असर न करने पर डॉक्टर से सलाह लें।
पेशाब निकलने की मात्रा से भी पता चल सकता है इंसान को को से रोग है और अभी वो किस बात से पीड़ित है। यह उम्र और बदलते मौसम के अनुसार होता है, स्थाई।
सामान्यतः, एक बड़ा जवान आदमी एक दिन में 1-2 लीटर पानी पेशाब के जरिए निकलता है जिससे उसका शरीर चुस्त और फुर्तीला रहता है।. हालांकि गर्मी के मौसमों में यह मात्रा कम होकर 1 लीटर हो जाती है क्योंकि उस समय बहुत पसीना आता है।
जाड़े के मौसम में शरीर से मूत्र का निष्कासन ज्यादा होता है और डेढ़ से दो लीटर तक सामान्य मूत्र विसर्जन होता है।
बार बार पेशाब आने के लक्षण:
बार बार पेशाब आना अपने आप में ही एक लक्षण है किंतु इससे भी अनेक प्रकार के लक्षण होते हैं. इसके कुछ प्रारंभिक लक्षण निम्नलिखित हैं;
- रात में अत्यधिक पेशाब आना
अगर आपके शरीर में मुत्र दोश है तो वह सुरु सुरु में रात में ही होता है. आपको रात में अत्यधिक पेशाब आना और मूत्र विसर्जन में हल्की जलन भी महसूस होगी. यह कोई घबराने वाली बात नहीं है और इसको नियंत्रित किया जा सकता है.
- रोजाना पेशाब में जलन होना
अगर आपको मुत्र दोश है तो यह आप पेशाब करने में जलन महसूस करेंगे. यह आपकि रोजमर्रा कि जिंदगि में कथिनैयान लायेंगि लेकिन इसके अनेक इलाज़ हैं. ठंडे पदार्थों के नियमित सेवन से यह लक्षण कम हो सकता है.
- बुंद बुंद कर के पेशाब आना
मुत्र त्याग में परेशानी होने पर मरीज को बुंद बुंद कर के पेशाब आता है. इस पर रोगि का नियंत्रन नहि रख पाता है और मरीज़ बहुत हि परेशान हो जाता है.
बार बार पेशाब होने के कारण:
शरीर से मूत्र का अनियमित बहाव कई कारणों से होता है और इसकी सबसे प्रमुख वजह मूत्राशय का कमजोर होना है. इसके और भी अन्य कारण हो सकते हैं जो निम्नलिखित वर्णित हैं –
शरीर में चीनी की मात्रा का अत्यधिक होना ही डायबिटीज कहलाता है. यह एक भयानक रोग है और इसमें अनेक प्रकार के जानलेवा खतरे होते हैं. डायबिटीज के अनेक प्रकार होते हैं. जिसमें प्रकार 1 और प्रकार 2 में शरीर में अत्यधिक ग्लूकोज जमा हो जाता है. इसके कारण शरीर से अत्यधिक पेशाब का निष्कासन होता है.
- ज्यादा कसरत करना
जब इंसान कसरत करता है तब शरीर में मौजूद गंदगी और अवांछित तत्व पसीने के रूप में बाहर आते है। इससे शरीर में पानी कम होती है जिसे संतुलित रखने के लिए लोग ज्यादा पानी पीते हैं और बार बार पेशाब के लिए जाते हैं।
यह एक आम कारण है और किसी भी खतरे को सूचित नहीं करता है।
- मूत्र बर्धक दवा का सेवन
अत्यधिक मूत्र वर्धक दवा के सेवन से भी आपको बार बार पेशाब करने के लिए जाना पड़ सकता है। यह ली गई दवाइयों की साइड इफेक्ट होता है और बहुत से मरीज इससे परेशान रहते हैं। ऐसे में कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें और उचित तरीके से दवा का सेवन करें।
ऐसी परिस्थिति में ज्यादा कॉफी या शराब का सेवन भी शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
- मूत्राशय में कैंसर
अगर आपको बार बार पेशाब लग रहा है तो आपको मूत्राशय का कैंसर भी हो सकता है। इससे आपको हर छोटी छोटी अंतराल के बाद उठना पड़ सकता है।
अगर आपको मूत्राशय में कैंसर है तो आपको मूत्र विसर्जन के समय रक्त आ सकता है जो की एक हानिकारक संकेत है।
- बढ़ा हुआ प्रोस्टेट या प्रोस्टेट कैंसर
प्रोस्टेट ग्रंथि शरीर के मूत्र भाग में स्थित होता है और मूत्र के निष्कासन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पेशाब लगने पर मूत्रमार्ग पर दबाव डालता है। बढ़ा हुआ प्रोस्टेट अनेक प्रकार की तकलीफ दे सकता है जैसे कि पेशाब करने के बाद भी पेशाब लगे रहना, पेशाब में कठिनाई होना, इत्यादि।
प्रोस्टेट कैंसर एक बहुत ही भयानक बीमारी है और यह ट्यूमर का संकेत देता है। यह मूत्र मार्ग पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है और बार बार पेशाब आता है।
अगर आपको बार बार पेशाब लगता है तो यह आपके मूत्र पथ में संक्रमण होने के कारण भी हो सकता है। मूत्र पथ में संक्रमण होने का एक मुख्य कारण एस टी आई है जो कि एक जानलेवा बीमारी है।
ब्लड प्रेशर या रक्तचाप हाई होने के कारण भी आप बार बार पेशाब लगने की समस्या का सामना कर सकते हैं। अधिक रक्तचाप को कम करने के लिए जो दवाएं दी जाती है वह किडनी से अतिरिक्त लिक्विड, तरल पदार्थ निकलता है।
इससे बार बार तरल पदार्थ निकालने के लिए आपको पेशाब जाना पड़ता है। अगर आप दवाइयों के साइड इफेक्ट्स से परेशान हैं तो तत्काल अपने डॉक्टर से सलाह लें।
- प्रेगनेंसी (महिलाओं में)
गर्भवती महिलाओं को भी बार बार पेशाब आने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। प्रेगनेंसी में यूट्रस का आकार बढ़ने लगता है जिससे ब्लैडर पर बहुत बल लगता है। इस बल के कारण महिलाओं को बार बार पेशाब या अन्य मूत्र संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
- इंटरस्टेशल सिस्टाइटिस
जब मूत्र पथ का सूजन होने लगता है तब इंसान को छन छन पेशाब आता है। इस रोग में पेशाब में जलन, दर्द, रक्त आना, इत्यादि लक्षण हो सकते हैं जो कि बहुत ही हानिकारक है।
- मानसिक दबाव या चिंता
डर या घबराहट का आभास होने पर भी शरीर से बार बार मूत्र का निष्कासन हो सकता है। अगर आप रोज एक ही समय पर पेशाब जाते हैं तो एक दो दिन वो आदत छोड़ने पर भी उस समय बार बार पेशाब लग सकता है।
बार बार पेशाब आने के अन्य कारण:
कई बार आपके दिनचर्या या भोजन के कारण भी आपको पेशाब संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अनुचित खाने का सेवन, अनियमित दिनचर्या, अथवा अन्य कारण जिससे बार बार पेशाब आता है, निम्नलिखित हैं –
- अत्यधिक पानी पीने से बार बार पेशाब आता है। ज्यादा पानी पीने के बाद उनके निष्कासन के लिए पेशाब आता है।
- लोगों के मूत्राशय का अधिक सक्रिय होना भी बार बार पेशाब लगने का एक मुख्य कारण है।
- अनेक अध्ययनों में पाया गया है कि युटीआई (यूरिन टैक्ट इन्फेक्शन) के कारण भी शरीर से बार बार पेशाब का निष्कासन होता है।
- कैफ़ीन जड़ित पदार्थों के नियमित सेवन से भी पेट में बार बार पेशाब लगता है। कैफ़ीन जड़ित पदार्थों में चाय, कॉफी, अचार, इत्यादि आते हैं।
- अनियमित शराब के सेवन से भी बार बार पेशाब लगता है।
बार बार पेशाब आने या यूरिन इन्फेक्शन को रोकने के उपाय:
बार बार पेशाब आना एक परेशान कर देने वाली समस्या जिसका उपचार अत्यंत आवश्यक है। इस रोग के प्रारंभिक स्थिति में यदि इसे रोक लिया जाए तो यह आगे बड़ा रूप नहीं लेती और संतुलित रहती है।
बार बार पेशाब आने से रोकने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय निम्नलिखित वर्णित हैं –
- यह चीजें नहीं खानी चाहिए
चीनी युक्त पदार्थों के सेवन यूरिन इन्फेक्शन के दौरान अत्यंत हानिकारक हो सकता है। चीनी युक्त पदार्थ मूत्र पथ में बैक्टीरिया का निरंतर पालन करते हैं।
केक, कॉर्नेटो ड्रिंक, चिनियुक्त पदार्थ, अथवा मिठाई का सेवन बार बार पेशाब आने के मुख्य कारण हैं और इनके सेवन से यूरिन इन्फेक्शन में बढ़ाव आता है।
- खानपान में बदलाव
खानपान में लापरवाही और खाने की अशुद्धता यूरिन इन्फेक्शन का एक मुख्य कारण है। अशुद्ध जगह पर बनने वाले खाने के सेवन से बार बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।
जब खाना संक्रमित स्थान पर बनता है तो वहां के संक्रमित जीवाणु खाने के साथ हमारे रक्त में मिल जाता है। उसके कारण हमारे मूत्र मार्ग में संक्रमण फैलता है और यूरिन इन्फेक्शन होता है।
इसके बचाव के लिए खाने को हमेशा स्वच्छ और ताजा रखें। बासी या खुले खाने का सेवन आपके शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है।
- पानी का सेवन
अत्यधिक पानी का सेवन भी बार बार पेशाब आने का एक कारण है परन्तु यह कोई हानिकारक लक्षण नहीं है। उचित मात्रा में पानी पीने से धीरे धीरे मूत्र मार्ग का संक्रमण खत्म हो जाता है और बार बार पेशाब आने की समस्या से निजात मिलता है।
- सूती कपड़े का इनरवियर पहने
मोटे या सख्त कपड़े के बने इनरवियर धारण करने से आपके कोमल अंगों में जख्म, दाद, एवं खुजली हो सकती है। इससे मूत्र के निसकाषण में कठिनाई आ सकती है और बार बार पेशाब आने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
सूती कपड़े पहनने से कोमल अंगों पर किसी प्रकार की चोट नहीं पहुंचती जिससे यूरिन इन्फेक्शन या बार बार पेशाब आने की समस्या नहीं होती।
बार बार पेशाब आने की समस्या के घरेलू उपचार:
बार बार पेशाब आने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यह अनेक प्रकार की भयानक बीमारियों का सूचक होता है। आम तौर पर लोग इसे हल्के में लेते हैं और नजरअंदाज करते हैं जिससे यह समस्या और भयानक रूप ले लेती है।
बार बार पेशाब आने पर कुछ घरेलू उपचार अपनाए जाते हैं जो निम्नलिखित वर्णित हैं।
- दही का सेवन
दही का सेवन यूरिन इन्फेक्शन में बहुत ही लाभकारी होता है। दही में प्रोबायोटिक ब्लैडर पाया जाता है जो कि मूत्र मार्ग में मौजूद बैक्टीरिया के नाश के लिए बहुत लाभकारी है। दही के नियमित सेवन से मूत्र मार्ग साफ होता है और बार बार पेशाब आने की समस्या के जल्द ही राहत मिलती है।
- आंवला का सेवन
आंवला का रस का नियमित सेवन करने से बार बार पेशाब आने की समस्या में बहुत तेजी से सुधार होता है।
- केले और सेब का सेवन
यूरिन इन्फेक्शन में केले और सेब का सेवन अत्यंत लाभकारी होता है। केला और सेब मूत्र मार्ग को साफ करते है और वहां के बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं जिससे पेशाब करते वक्त किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आती है।
सारांश:
बार बार पेशाब आना एक छोटी परंतु गंभीर बीमारी हो सकती है। समय रहते इसका उपचार न करने से अनेक प्रकार की बीमारियों की उत्पत्ति हो सकती है। इस मेडिकल भाषा में यूरिन इन्फेक्शन भी कहा जाता है।
यूरिन इन्फेक्शन के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे अधिक रक्तचाप, मूत्र पथ में संक्रमण, डायबिटीज़, इत्यादि। इसके अनेक प्रकार के उपचार भी ऊपर विस्तृत वर्णित हैं।
यूरिन इन्फेक्शन का आभास होते ही डॉक्टर से संपर्क करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह भविष्य में बहुत सी बीमारियों का प्रवेश द्वार बन सकता है।
