निमोनिया के लक्षण, कारण, और उपचार कैसे करें

निमोनिया के लक्षण

हम प्रतिदिन अनेक प्रकार के लोगों और जीवाणुओं। के संपर्क में आते हैं जिनमें भिन्न भिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। इनमे से ही एक निमोनिया है जो नजरअंदाज करने पर जानलेवा भी हो सकता है।

अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें संतुलित आहार, कसरत, एवं अन्य लाभकारी चीजों का उपयोग करना चाहिए। 

इस उल्लेख में निम्नलिखित विषयों का वर्णन किया गया है –

  • निमोनिया क्या है?
  • निमोनिया के मुख्य लक्षण क्या है?
  • निमोनिया के मुख्य कारण क्या है?
  • निमोनिया का उपचार कैसे करें?

निमोनिया के लक्षण, कारण, और उपचार:

निमोनिया क्या है?

मानव शरीर में कई प्रकार के रोग पाए जाते है,उन्ही रोगों में से एक प्रचलित रोग निमोनिया भी है।

यह एक प्रकार का संक्रमण है जिससे  एक या दोनों फेफड़ों के वायु के थैलो में द्रव या मवाद भरने के कारण सूजन हो जाता है जिससे बलग़म या मवाद वाली खांसी,बुखार अथवा ठंड भी लग सकती है इसके साथ ही साथ इस रोग के कारण सांस लेने में भी तकलीफ़ हो सकती है।

इसे फुफ्फुसशोथ या फुफ्फुस प्रदाह भी कहते हैं।

अधिकांश प्रकार के निमोनिया संक्रामक होते हैं,ये साधारण से जानलेवा भी हो सकते हैं।यह रोग छोटे बच्चे,युवा तथा जिन्हें पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के है उनके लिए ज्यादा हानिकारक सिद्ध होते हैं।

निमोनिया के लक्षण:

निमोनिया के मरीजों में अनेक प्रकार के लक्षण पाए जाते हैं। अगर समय रहते इसका उपयुक्त उपचार नहीं किया जाए तो ये आगे बहुत हानिकारक साबित हो सकते हैं।

अगर आप इनमें से किसी भी लक्षण अपने शरीर में महसूस कर रहे हैं तो शीघ्र ही किसी चिकित्सक (डॉक्टर) से दिखाने में सलाह लें।

अगर समय रहते इनका उपयुक्त इलाज़ नही किया गया तो ये जानलेवा भी हो सकते हैं।

निमोनिया के कुछ मुख्य लक्षण नीचे उल्लेखित किये गए हैं

  • बलगम वाली खांसी:

अगर आप निमोनिया से ग्रसित हैं तो आप बलग़म वाली खांसी पीड़ित हो सकते हैं।बलग़म वाली खांसी को कफ से भी जाना जाता है।बलग़म वाली खांसी में कई बार खून आना तथा अन्य दिक्कते काफी आम हैं।खांसी निमोनिया का मुख्य लक्षण है।

  • बुखार या ठंड लगना:

अगर आप निमोनिया से ग्रसित हैं तो आपको बुखार या कपकपी महसूस हो सकती है।निमोनिया में आपके सरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिससे कि हमारा सरीर किसी भी एंटीजेन यानी वायरस या अन्य जीवानुओ से लड़ने में असमर्थ रहती है।

इसमे आपका शरीर बिल्कुल कमजोर होने लगता है इसके कारण कई सूक्ष्म जीवाणु हमारे शरीर मर प्रवेश कर लेते है और हमने कमजोर बनाते हैं कई बार इसमे आपको ठंड न रहते हुए भी ठंड का एहसास होता है।

  • सांस लेते वक्त कठिनाई होना:

जैसा कि हमलोग जानते है सांस लेने में फेफड़े का अहम उपयोग है,अगर आप निमोनिया से ग्रसित है तो आपके फेफड़े इसमे ग्रसित होते है जिसके कारण सांस लेते वक्त आपके फेफड़े सही से काम नही कर पाते हैं और सही मात्रा में आपके सरीर को सुध वायू नही प्रदान कर पाते है। जिसके कारण अगर आप निमोनिया से ग्रसित हैं तो आप सांस लेने में कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं।

  • सीने में दर्द महसूस होना या बेचैनी लगना:

अगर आप निमोनिया से ग्रसित हैं तो आम तौर पर कई बार आपको अपने सीने में दर्द व बेचैनी महसूस होती होगी। इस दुर्लभ प्रस्तिथि के पीछे का कारण यह है कि निमोनिया से ग्रसित होने पर हमारे फेफड़ो में द्रव या मदाव भरने के कारण सूजन हो जाता है, जिसके कारण की हमारे हृदय में रक्त प्रसार सही से ना होने पर हमे सीने में दर्द व बैचैनी महसूस करते हैं।हालांकि हमें इसे हल्के में नही लेना चाहिए तथा जल्द नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेनी चाहिये।

सीने में दर्द और बेचैनी होने जैसी बीमारियों को हमे नज़रंदाज़ नही करना चहिय क्योंकि आगे चलकर इस रोग से हमारी मृत्यु भी हो सकती है।

  • खाने का मन न होना या भूख न लगना:

जैसा कि हम आप सब जानते है कि मानव शरीर में अधिकांश रोग पेट से ही उत्त्पन होते है तत्पश्चात अगर आप निमोनिया से ग्रसित हैं तो आपको बहुत हीं कम भूख का अनुभव होता होगा ऐसा इसलिए क्योंकि निमोनिया होने पर हमारे फेफड़ों में सूजन हो जाता है जिसके कारण की कई एक बार पानी भी भर जाता है और हमारा रोग प्रतिरोधक क्षमता के कम होने के कारण प्रवेश किये गए फंगल व बैक्टीरियल सूक्ष्मजीवाणुओ के कारण हमें भूख का अनुभव कम होता हैं।

  • तेजी से सांस लेना:

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि निमोनिया में फेफड़ों को जड़ क्षति पहुंचती है क्योंकि उनमें द्रव व मवाद भरने के कारण सूजन हो जाती है इसलिए अगर आप निमोनिया रोग से ग्रस्त है तो थोड़ी सी दौर-धूप करने पर,थोड़ी सीढिया चैधने पर या फिजिकल वर्क कारने पर आपकी सांसे फ़ूलने लगती होगी।

ऐसी कठिनाईयों के पीछे का कारण यह है कि वायु आपकी स्वांस नाली में टकराने लगती है यह इस बात का भी संदेश देता है कि आपका शरीर कमजोर हो रहा है।कई बार ऐसे वक्त में स्वांस सही से नही मिलने पर आपकी मौत भी हो सकती है इसलिए ऐसी कठिनाइयों के होने पर जल्द ही चिकित्सक से मिले तथा परामर्श लें।

  • उलझन होना:

उलझन एक प्रकार का प्रस्थिति है जिसमे आपको गुमराह होने जैसा महसूस होता है ।

और हो और इस प्रस्तिथि में आप किसी प्रकार का निर्णय लेने में असमर्थ होते हैं।ऐसा होने का एक वजह ये भी है कि निमोनिया से ग्रसत होने पर हमारे फेफड़े काफी क्ष्तिग्रस्त होते हैं जिसके कारण की शरीर में ऑक्सिजन की कमी होती है, जिससे ये उलझन होना महसूस होता है ऐसा होने का एक कारण ये भी है कि निमोनिया में आपको तेज़ बुखार होता है और उलझन महसूस होने के पीछे ये भी एक प्रमुख वजह है।

यह एक गंभीर रोग है जिसका समय रहते इलाज करवाना उच्चित है ऐसा न होने पर आगे चलके इसके कारण कई मुश्किलें उत्तपन हो सकते हैं जैसे कि अपने ही परिवार के लोगो को पहचानने में मुश्किल होना ये सब मुमकिन है।

  • कम रक्तचाप होना:

इस भाग-दौर वाली दुनिया मे कम रक्तचाप काफी आम बात हो गयी है परंतु ये नज़रअंदाज़ करने वाली बीमारी बिल्कुल भी नही है यह एक प्राणघातक रोग है जिसका इलाज जल्द ही करवान बेहतर है।

अगर आपको निमोनिया है तो आप इस रोग से अवस्य ग्रस्त होंगे इसमे आपको कई बार चक्कर ,कमजोरी महसूस होती है।यह रोग आपको कमजोरी या पोषण की कमी से होता है जो कि निमोनिया से ग्रस्त होने पर आम लक्षण है।

इसके चलते आपके शरीर के कई अंग में सही मात्रा में रक्त ना पहुँचने के कारण वो खराब भी हो सकते हैं जिस कारण हमारी समस्या और भी बढ़ सकती है इसलिए हमें इस प्राणघातक रोग से समय रहते छुटकारा ले लेना चाहिए ।

  •  खांसी में खून आना:

आपको बता दें कि खांसी में खून आना फेफड़ों के रोग का संकेत देते हैं। निमोनिया से ग्रस्त मरीज़ों में ये देखा गया है कि अक्सर उनके खांसी में खून आता है या बलग़म में खून आता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बलग़म की वजह से हमारे शरीर मे हवा को फेफड़ों तक लेजाने वाली नली में सूजन आजाता है।

जिससे कि जब कभी हमें लंबी या बहुत देर तक खांसी होती है तो हमारे ऊपरी सांस नली पर इसका असर पड़ता है जिसके कारण की रक्त वाहिकाओं के फट जाने के कारण हमे खांसी में खून आने जैसी कष्ट से पीड़ित होते है।ऐसे बीमारियों को हमें नज़रअंदाज़ ना करते हुए चिकित्सक से राय सलाह ले लेनी चाहिए।

  • धड़कन में तेज़ी होना:

 निमोनिया के मरीजों में दिल की धड़कन का तेज होना काफी तौर पर देखा गया है।जब आप निमोनिया से ग्रसित होते है तब आपको बुखार,मानसिक तनाव,फेफड़ों में सूजन के वजह से सांस ठीक से लेने में दिक्कत होना ये सारी कठिनाइयों का सामना करना परता है।इन्हीं सब से उत्पन्न होती है दिल की धड़कन में तेजी ।

जब आपको मानसिक तनाव या बुखार होता है तब आपके शरीर में सही रूप से रक्त निर्माण नहीं हो पाता है जिसके कारण की हमारा हृदय उसे पूर्ण करने के लिए काफी तेजी से काम करने लगता है जिसके कारण हमें तेज़ धड़कन का अनुभव होता है।इस प्रकार के रोग प्राणघातक हो सकते है, अगर आप उचित समय पर इसका सही इलाज नहीं करवाते हैं तो आपको दिल का दौरा भी पड़ सकता है जिकसे वजह से आप अपनी जान भी गवा सकते हैं।

  • मतली और उल्टी होना:

 जैसा कि हम लोग ऊपर पढ़ चुके है कि निमोनिया के मरीजों में कुछ खाने का मन नही करता,शरीर का ताप बढ़ जाना,खांसी होना ये सब देखा जाता है उसी प्रकार अगर आप निमोनिया से ग्रस्त हैं तो आपको मतली अथवा उल्टी हो सकती है इसमे आपके द्वारा खाये गए खाने को आपका पेट नियमित रूप से पचाने में असमर्थ रहता है।

जहाँ तक बात मतलब की करें तो निमोनिया होने पर आपका शरीर कई रोगों से ग्रस्त रहता है जिसके कारण कि आपको कमजोरी के कारण मतली जैसी समस्या महसूस हो सकती है और आपके पेट के अपच खाने को और जहरीली तत्वों को बाहर निकालने के लिए उल्टी भी हो सकती है।

निमोनिया का उपचार कैसे करें:

निमोनिया को हमारे द्वारा घरेलू उपायों से ठीक किया जा सकता है।इसके घरेलू तरीके से ठीक करने के कुछ उपाय नीचे उल्लिखित किये गए हैं

इस विचारणीय बीमारी को घरेलू नुस्खों से ठीक करने के उपाय

  • लहसुन के उपयोग से उपचार

एक कप दूध,चार कप पानी और आधा चम्मच लहसुन मिश्रित करके अच्छे से उबाल कर काढ़ा बना लें और दिन में दो बार प्रतिदिन सेवन करें।

  • भाप के प्रयोग से उपचार

इसके उपयोग से रोगी को सांस लेने के तकलीफ से राहत मिलती है साथ है खांसी भी कम होती है,इससे सीने की दर्द से आराम मिलता है साथ ही भाप से संक्रमण कम होता है।

  • सरसो के तेल से उपचार

सरसो के तेल को हल्का गुनगुना करके उसमें अच्छे से हल्दी मिलाकर अपनी छाती की मालिश करें इससे निमोनिया से राहत मिलती है।

  • तुलसी से घरेलू उपचार

तुलसी के पत्तो का रस निकल कर उसमें ताज़ी पिसी हुई काली मिर्च डालकर अच्छे से मिला लें और प्रत्येक छह घंटे के बाद इसका सेवन करते रहे यह आपको निमोनिया के वक़्त काफी आराम प्रदान करेगा।

  • निमोनिया के वक़्त लांग लौंग से उपचार

अगर आप निमोनिया का उपचार लौंग से करना चाहते हैं तो लौंग को अच्छे से भून कर पीस लें इसमें आधा से एक ग्राम शुद्ध मध मिलाकर प्रत्येक दिन तीन से चार की मात्रा में सेवन करें।इससे आपको कई अविश्वसनीय लाभ मिलेगा।

  • पुदीना से उपचार

वैसे तो पुदीना के कई फायदे हैं,निमोनिया के समय मे पुदीना का अहम उपयोग है कि इससे बलग़म और जलन से राहत मिलता है।

निमोनिया के वक़्त पुदीना के ताजे पत्तों की चाय आपके लिए सफल दवा के रूप में साबित होगी।

निमोनिया के कारण:

आपके शरीर में निमोनिया रोग होने के बहुत से कारण हो सकते है।

निमोनिया ये प्रमुख कारण निम्नालिखित है।

  • वायरस

हमारे शरीर में वायरस के प्रभाव से निमोनिया हो सकता है। हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण वायरस हमारी अंगों पर घात करते हैं जिससे निमोनिया की उत्पत्ति होती है।

  • अनेक प्रकार के बैक्टीरिया के सम्पर्क से निमोनिया होता है

हमारे वातावरण में अनेक प्रकार के बैक्टीरिया मौजूद हैं।जब ये हमारे शरीर के संपर्क में आते हैं तब यह हमारी कोशिकाओं पर बुरा असर डालते हैं।इससे भी निमोनिया की उत्पत्ति होती है।

  • फंगस निमोनिया का एक मुख्य कारण है

फंगस हमारे फेफड़ों के वायु के थैलो में द्रव या मवाद की मात्रा बढ़ा देते हैं।इससे स्वांस नाली पर बुरा प्रभाव पड़ता है।इसलिए फंगस भी निमोनिया का मुख्य कारण है।

निमोनिया का उपचार कैसे करें?

निमोनिया से ग्रसित मरीज़ शीघ्र ही किसी डॉक्टर से सलाह ले अथवा उनके द्वारा बताई गई दवाइयों का सेवन करें।

घरेलू उपाय:

निमोनिया के घरेलू इलाजों मे Over-the-counter चिकित्सा पद्धति का उपयोग होता है। इसमें निम्नलिखित कार्य मुख्य हैं –

  • aspirin का उचित उपयोग
  • Ibuprofen का डॉक्टर के अनुसार सेवन
  • tylenol (acetaminophen) का उपयुक्त सेवन

अनेक डॉक्टर बलगम को खांसी का सिरप (पीने वाली दवा) का भी सुझाव देते हैं जो निमोनिया के उपचार का एक मुख्य तरीका है।

पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन और उचित मात्रा में आराम निमोनिया का उपचार करने का एक रामबाण तरीका है।

निष्कर्ष:

यदि आप बहुत बीमार महसूस करते हैं। आपको जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। स्वस्थ और सुरक्षित रखें।

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