पेट में गैस बनना के १७ मुख्य कारण, लक्षण और उपचार
अधिकांश लोगों को पेट में गैस बनना की समस्या होती है जो कि एक साधारण लेकिन गंभीर बीमारी हो सकती है। लोग इस बीमारी को नजरअंदाज करते हैं और इसपर ध्यान नहीं देते हैं जो भविष्य में उनके लिए बहुत हानिकारक साबित होता है।
अगर समय रहते पेट में गैस का उपचार नहीं किया गया तो यह दिमाग पर चढ़ सकता है (दिमाग की नसों में) और प्राणघातक साबित हो सकता है।
इस लेख में हम इस पेट में गैस बनने की समस्या से संबंधित हर जरूरी जानकारी लिखने की कोशिश कर रहे हैं, तो कृपया इस लेख को पूरा पढ़ें।
इस लेख में निम्नलिखित विषयों का वर्णन है –
- पेट में गैस बनने को क्या कहते हैं?
- पेट में गैस बनने के प्रमुख लक्षण क्या है?
- पेट मे गैस के मुख्य एवं घरेलू उपचार क्या है?
पेट में गैस बनना और उसके १७ मुख्य कारण, लक्षण और उपचार:
पेट में गैस बनना क्या होता है?
पेट में गैस बनने को आंतो की गैस या एसिडिटी कहते हैं। यह एक सामान्य किन्तु एक हानिकारक बीमारी है जो नजरअंदाज करने पर जानलेवा भी हो सकती है।
खाना खाते वक्त पाचन क्रिया के दौरान शरीर में हाइड्रोजन, मीथेन, और कार्बन डाइऑक्साइड गैस का निष्कासन होता है जिससे शरीर के पाचन क्रिया पर बुरा प्रभाव पड़ता है और एसिडिटी होती है।
आयुर्वेद के अध्ययनों के अनुसार एसिडिटी शरीर के त्रिदोष के कारण होता है। ये त्रिदोष इस प्रकार हैं – वात, पित्त, कफ। इन दोषों का इलाज शीघ्रता से करना चाहिए एवं दूध, मूंग, मधु, इत्यादि का नियमित सेवन करना चाहिए।
शरीर के ये त्रिदोष मुख्यतः जठराग्नि की दुर्बलता के कारण होता है और अनेक रोगों का कारण बनता है। इसमें प्राणवायु और अपान वायु शरीर से संतुलित रूप में नहीं निकल पाता है और उदर में पाचन सही प्रकार से नहीं हो पाता।
पेट में गैस बनने के प्रमुख लक्षण क्या है?
पेट में गैस बनना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है अथवा यह शरीर के पाचन तंत्र के कमजोर होने के कारण होने वाला लक्षण है। जब हमारे शरीर का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है तो अनेक से रोग व्याधि हमारे शरीर में पनपने लगते हैं जिससे पेट में गैस होने का लक्षण दिखता है
हालांकि पेट में गैस बनने के भी कुछ मुख्य लक्षण हैं जो सूचित करते हैं कि आपका पाचन तंत्र कमजोर हो चुका है और इसके उपचार की जरूरत है।
निम्नलिखित लक्षण एसिडिटी के मुख्य लक्षण हैं –
- पेट मे दर्द होना एसिडिटी का सबसे मुख्य लक्षण है
अगर आपको गैस या एसिडिटी है तो उसका सबसे मुख्य लक्षण है कि आपके पेट में बहुत जोरों का दर्द होना। प्राण और अपान वायु का असंतुलित प्रवाह के कारण पेट में दर्द उत्पन्न होता है जो कि बहुत देर तक रहता है।
- मल का अनियमित प्रवाह या निष्कासन
एसिडिटी में शरीर की जठराग्नि कमजोर हो जाती है और मल अनियमित रूप से निष्कासित होता है। पेट के अपूर्ण पाचन के कारण मल पूरी तरह नहीं निकल पाता और पेट फूल जाता है। यह एसिडिटी का एक मुख्य लक्षण है।
इसमें जीरा, Eno, एवं अन्य पदार्थों का सेवन किया जाता है जिससे पेट में गैस की समस्या कम होती है।
- पेट में ऐंठन होना
जब पेट में अत्यधिक गैस जमा हो जाती है तो ऐंठन का आभास होता है। इस अवस्था में पेट में हल्का हल्का दर्द होता है और मन छिन्न हो जाता है।
ऐसे में पानी पीना या जलजीरा का सेवन करना लाभदायक हो सकता है।
- उल्टी होना और चुभन वाला दर्द होना
पेट मे जमा गैस के कारण हल्का हल्का चुभन वाले दर्द का आभास होता है तथा उल्टी होने की सम्भावना होती है। गैस के बलपूर्वक बाहर निकलने के कारण ही उल्टी होता है और फिर पेट में पर्याप्त भोजन न रहने के कारण चुभन वाला दर्द होता है।
- सिर में दर्द का आभास होना
अगर आपको एसिडिटी है तो आपके सिर में बहुत तेज दर्द होता है। यह दर्द बहुत हानिकारक होता है। अगर आपके सिर में अधिक दर्द है और आपका पेट भी दर्द कर रहा हो तो शीघ्र ही किसी डॉक्टर से संपर्क करें।
अगर एसिडिटी में सिर का दर्द बढ़ जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है।
- पूरे दिन आलस्य होना
एसिडिटी में पूरे दिन शरीर में आलस का आभास होता है और बहुत ही थकान महसूस होती है। आपको किसी भी काम में नहीं लगेगा और आपको पूरे दिन निद्रा आएगी।
पेट में गैस बनने के कारण:
आयुर्वेद विज्ञान में ऐसा उल्लेख किया गया है कि पित्त,कफ अथवा वात(तीनो दोष) के असंतुलित होने के कारण ही मानव शरीर में सारे रोगों की उत्पत्ति होती है।
जब ये सारे दोष संतुलित अवस्था में होते हैं तो व्यक्ति निरोगी रहता है।उदररोगों में सबसे आम देखी जाने वाली एक समस्या एसिडिटी है।अनुचित खान पान के कारण वात की उत्त्पत्ति होती है जो कि आगे कई रोगों का कारण बनता है तथा मनुष्य को गैस या एसिडीटी जैसी बीमारियों से जूझना पड़ता है।
इन सब के अलावा पेट में एसिडिटी के कई अन्य कारण भी है आइये इसके बारे में जानते हैं –
- अनुमति मात्रा में भोजन करना
- पेट में बैक्टीरिया का उत्पादन अधिक दर पर होना
- भोजन को उचित रूप से चबा कर न खाना
- पेट में अम्ल का उत्पादन बढ़ना
- अधिक मदिरा का सेवन
- मानसिक चिंता या स्ट्रेस से पीड़ित रहने के प्रस्तिथि में
- कई प्रकार के दवाओं के सेवन से
- मिठाई से युक्त तत्व का अधिक सेवन करना
- नियमित समय पर नाश्ता न करना या अधिक समय तक पेट खाली रहने के कारण
- रात का भोजन या बासी खाने के सेवन से
- वयायाम या योग ना करने के कारण
- कई प्रकार के दूध के उत्पादों से भी गैस की समस्या होती है
- शिष्यों में स्तनपान करने के कारण कई बार पेट मे दर्द या उदरवायु जैसी समस्याएं होती हैं
- फ़ास्ट फ़ूड का अधिक सेवन करना या कई बार ज्यादा भुनी तली चीजों के सेवन से भी गैस या एसिडिटी जैसी अपार समस्या से पीड़ित होना पर सकता है
- कई प्रकार के बीज जैसे छोले ,बीन्स,राजमा के अत्यधिक उपयोग या सेवन से भी गैस जैसी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है
- विषाक्त खाने के सेवन से भी यह समस्या होती हैं
- कब्ज,बदहजमी जैसी परिस्थितियों में भी ये समस्याएं होती हैं
कई बार विशेष प्रकार के दवाओं के सेवन करने पर यह समस्या हो जाती हैं।
कई बार ऐसा भी देखा गया है कि कुछ लोगों को खाद्य पदार्थों से भी गैस की प्रस्थिति बन जाती है।
कई खाद्य पदार्थो में प्रोटीन या वसा के अनुरूप कार्बोहाइड्रेट की प्रतिसित मात्रा अधिक होती है अथवा ऐसे पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन गैस जैसी रोग से आपको पीड़ित कर सकता है।
एसिडिटी का उपचार कैसे करें?
एसिडिटी एक सामान्य किंतु हानिकारक समस्या है जो आपके अच्छे भले दिन को खराब कर सकता है। अगर आप आए दिन पेट के गैस की समस्या से परेशान हैं तो निम्नलिखित विषयों पर विशेष ध्यान दें।
पेट के गैस को दूर करने के लिए अनेक अध्ययनों तथा डॉक्टरों की सलाह से कुछ महत्वपूर्ण उपचार हमने नीचे विस्तार में वर्णित किए हैं।
- अपने आहार में परिवर्तन लाएं:
पेट में गैस या एसिडिटी होने में आपके रोजाना के भोजन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अगर आप निरंतर एसिडिटी की समस्या से परेशान हैं तो सबसे पहले अपने आहार में परिवर्तन लाना आपके लिए बहुत जरूरी है।
ताजा एवं सुपाच्य आहार का सेवन करें और तेल, डालडा इत्यादि का सेवन कम करें।
एसिडिटी का मुख्य कारण वात दोष है जिससे कि पाचन क्रिया पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए वातशामक आहारों का सेवन अत्यंत लाभदायक है। इससे पाचन क्रिया सुदृढ़ होती है और एसिडिटी से राहत मिलती है।
क्या खाएं?
सबसे पहले आप जो भी खाते हैं उन चीज़ों का पूर्ण ध्यान रखें। पता करने की कोशिश करें कि आपको को कौन सा पदार्थ हानि पहुंचा रहा है। धीरे धीरे उस पदार्थ का सेवन करें।
अध्ययनों के मुताबिक पेट में गैस के मुख्य पदार्थ निम्नलिखित हैं –
गोभी, प्याज, सेम, बैंगन, इत्यादि का सेवन एसिडिटी को बढ़ाते हैं।
चीनी या गुड़ युक्त पदार्थों के सेवन में कमी लाएं अथवा उन्हें धीरे धीरे करके त्याग दें। यह शरीर के पाचन तंत्र को कमजोर बनाते हैं और अपच्य हैं।
चाय और रेड वाइन का सेवन कुछ बढ़ा दें क्योंकि ये एसिडिटी को दूर करने में काम आते हैं।
- अपने जीवन शैली में परिवर्तन लाएं:
आपका दिनचर्या भी आपके स्वास्थ्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करता है। आप क्या क्या करते हैं, कैसे रहते हैं, इससे आपके शरीर के स्वास्थ्य का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अगर आपको एसिडिटी की बीमारी है तो नीचे दिए गए तरीकों से अपनी दिनचर्या में बदलाव लाने का प्रयत्न करें। ये सब तरीके डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित हैं और अत्यंत लाभदायक हैं।
- सुबह कसरत और योग करें:
योग और कसरत आपके शरीर के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और आपके शरीर को चुस्त एवं फुर्तीला बनाने में मदद करते हैं।
- जल्दबाजी में भोजन न करें:
भोजन को हमेशा चबा चबा कर खाएं। चबाने से भोजन सुपाच्य बनके लार (सलिवा) के रूप में परिवर्तित हो जाता है। जल्दी जल्दी भोजन खाने या निगलने से भोजन अच्छी तरह पेट में नहीं जाता जिससे पाचन क्रिया बुरी तरह प्रभावित होती है।
- वज्रासन करें:
खाने के कुछ समय बाद वज्रासन करने से एसिडिटी की समस्या का पूर्ण निदान किया जा सकता है। वज्रासन करने के लिए दोनों घुटनों पर बैठ कर अपने हाथों से घुटने को स्पर्श किया जाता है। ऐसा 5 से 15 मिनट तक करने से पाचन तंत्र सुदृढ़ होता है और एसिडिटी से छुटकारा मिलता है।
- अधिक पानी पिएं:
पानी पाचन तंत्र के लिए अत्यधिक जरूरी है। जो पदार्थ अच्छी तरह से नहीं पचता, पानी पीने से वह तरल बनकर जल्दी से पच जाता है। इससे पेट में गैस की समस्या का निदान होता है।
एसिडिटी की समस्या से राहत के घरेलू उपचार:
नियमित तौर पर गैस या एसिडिटी होने पर व्यक्ति द्वारा पेट मे दर्द का अनुभव आम तौर पर देखा जाता है इससे राहत के लिए घरेलू उपचारों का अधिक मात्रा में उपयोग होता है।इसमें घर पर आसानी से मिल जाने वाली चीजों से ही दवा का निर्माण करके राहत लिया जाता है। आइये ऐसे ही कई घरेलू नुस्खों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
- काली मिर्च और सूखी अदरक से पाएं गैस से राहत
भोजन करने के एक घंटे बाद एक चम्मच काली मिर्च
सूखी अदरक और इलाइची के दानों को आधा चम्मच पानी में मिलाकर नियमित रूप से सेवन करें यह आपको गैस से राहत दिलाएगा।
- अजवाइन से पाए गैस की समस्या से राहत
गैस के कारण पेट या आंतों में ऐंठन महसूस होने पर अजवाइन के प्रयोग से राहत मिलती है।ऐसा होने पर एक छोटा चम्मच अजवाइन और सेंधा नमक को गर्म पानी में मिलाकर सेवन करें यह आपको गैस की प्रॉब्लम से छुटकारा दिलाएगा।
अगर इसका सेवन कोई बच्चा करता है तो ध्यान रखे कि उसे अजवाइन थोड़ी ही मात्रा में दें।
उपसंहार:
जदि आपको लगता है आपका शरीर में ज्यादा गैस बॉन गया तो तुरंत अपनद डॉक्टर के साथ सलाह कीजिये। गैस से बांचने के लिए लाइफस्टाइल को चेंज करना ही असली उपाय है। अपना लाइफस्टाइल को चेंज कीजिये और सुस्थ रहिये।
