ब्लड प्रेशर लो होने के नुकसान और प्रमुख उपचार
ब्लड प्रेशर लो होने के नुकसान, ब्लड प्रेशर हाइ से ज्यादा गंभीर है। ये ज्यादा समय तक होने से जीबन हानि हो सकते है। इसी लिए ज्यादा देरी न करके आपको जल्दी डॉक्टर के साथ संपर्क कोरना चहिये।
ब्लड प्रेशर लो होना एक सामान्य मानवीय अवस्था मानी जाती है जो शरीर के अंगों में रक्त की कमी के कारण होता है। इस हाइपोटेंशन भी कहा जाता है और इसके मरीज़ पूरी दुनिया में हैं।
आम तौर पर यह एक सामान्य समस्या है लेकिन समय रहते अगर इसका उचित उपचार न हो तो यह भयानक रूप के सकती है और जानलेवा हो सकती है।
अनेक अध्ययनों में पाया गया है कि निम्न रक्तचाप अर्थात लो ब्लड प्रेशर अनेक प्रकार की बीमारियों का सूचक होता है और शरीर के कमजोर होते ही भयावह रूप धारण कर लेता है।
ब्लड प्रेशर लो होने के नुकसान और प्रमुख उपचार:
इस लेख में हम निम्न रक्तचाप या लो ब्लड प्रेशर से संबंधित निम्नलिखित विषयों का अध्ययन करेंगे –
- लो ब्लड प्रेशर या निम्न रक्तचाप क्या है?
- लो ब्लड प्रेशर के मुख्य नुकसान
- लो ब्लड प्रेशर के मुख्य कारण
- लो ब्लड प्रेशर के उपचार
लो ब्लड प्रेशर या निम्न रक्तचाप क्या है?
लो ब्लड प्रेशर या धीमी रक्त चाप वह अवस्था है जिसमे रक्त शरीर के विभिन्न अंगों तक उचित मात्रा में नहीं पहुंच पाते हैं। इससे शरीर के अंगों का संतुलित रूप से संचालन नहीं हो पाता है और अनेक प्रकार की बीमारियों को उत्पत्ति होती है।
सामान्यतः, शरीर का रक्तचाप 120/80 से कम होना चाहिए। सिस्टोलिक में 90 मिलीमीटर एच जी से कम और डायस्टोलिक में 60 इच जी से कम रक्त चाप को निम्न रक्तचाप कहा जाता है।
निम्न रक्तचाप में समय समय पर चक्कर आना, हाथठ पैर ठंडे पड़ना, शरीर में सस्ती होना, इत्यादि समस्याएं आती है जिनका समय रहते उपचार अति आवश्यक है।
शरीर के मुख्य अंगों में उचित मात्रा में रक्त न पहुंचने के कारण दिल, किडनी, फेफड़े, और दिमाग पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और वह स्थिर हो सकते हैं अर्थात काम करना बंद कर सकते हैं जिससे आपकी मृत्यु भी हो सकती है।
आयुर्वेदिक अध्ययनों में पाया गया है कि निम्न रक्तचाप मुख्यत वात, कफ, और पित्त दोष के कारण होते हैं। यह दोष शरीर में अनेक सी मुख्य बीमारियों के पालन का संकेत देती है और ऐसे में लोगों को सतर्क हो जाना चाहिए और तुरंत ही किसी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
लो ब्लड प्रेशर के मुख्य नुकसान:
लो ब्लड प्रेशर आपके शरीर को अनेक प्रकारों से नुकसान पहुचां सकती है। यदि समय रहते इसका उपचार नहीं हुआ तो यह बहुत ही भयानक रूप धारण कर सकती है और जानलेवा भी ही सकती है।
लो ब्लड प्रेशर के कुछ मुख्य नुकसान या निम्न रक्त चाप से होने वाली कुछ प्रमुख समस्याएं निम्नलिखित वर्णित हैं।
- चक्कर आना
निम्न रक्तचाप के कारण आप समय समय पर चक्कर का आभास कर सकते हैं। आम तौर पर यह शरीर की कमजोरी के कारण होता है और उचित दवाइयों या पदार्थों के सेवन से संतुलन में आ जाता है।
लो ब्लड प्रेशर में यदि आप किसी काम में बहुत देर तक ध्यान लगाते हैं तो उसको समाप्त करते वक्त आप के सामने धुधलापन या अंधेरा छा जाता है अरू आपको बहुत तेज चक्कर आता है। ऐसे समय में आप गिर भी सकते हैं इसलिए हमेशा ऐसा होने पर किसी वस्तु का सहारा लें।
- सुस्ती एवम् थकान होना
जब शरीर में उचित मात्रा में रक्त का बहाव नहीं हो पाता है और मुख्य अंगों तक पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुंच पाता है
इससे शरीर के अंग बहुत ही कमजोर तरीके या धीरे से काम करते हैं। आपके शरीर को पर्याप्त ऊर्जा न मिल पाने के कारण आप सुस्ती एवं थकान का अनुभव करते हैं और किसी भी काम को ठीक से नहीं कर पाते हैं।
- उबकाई आना
निम्न रक्तचाप में शरीर के पाचन तंत्र तक पर्याप्त मात्रा में रक्त न पहुंचने के कारण पाचन तंत्र का संचालन बिगड़ जाता है। इससे खाना पेट में अच्छी तरह पच नहीं पाता है और आपको उबकाई आती है। यह उबकाई सामान्यतः चक्कर के साथ आती है और आपको बहुत ही कमजोर कर देती है।
उबकाई आने पर भिन्न प्रकार की दवाइयां खाने से यह समस्या हल हो सकती है। डॉक्टरों की माने तो उबकाई को रोकना नहीं चाहिए क्योंकि यह शरीर के दोषों को बाहर निकालने की ही एक क्रिया है। इससे शरीर के दूषित एवं हानिकारक पदार्थ उल्टी के द्वारा बाहर आ जाते हैं और आपका शरीर दोषमुक्त हो जाता है।
- आपके नर्वस सिस्टम को हानि पहुचाना
निम्न रक्तचाप के कारण आपका नरवस सिस्टम हानिग्रस्त हो सकता है। लो ब्लड प्रेशर शरीर के मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव डालता है जिससे आपको जानलेवा खतरा हो सकता है। यह आपके सोचने की शक्ति को कमजोर करता है और आपको दिमागी समस्याएं प्रदान कर सकता है।
ब्लड प्रेशर लो होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क अति आवश्यक है और इससे आपको भविष्य में होने वाली बीमारियों गा खतरों के बारे मे पता चल सकता है।
- महिलाओं की कोख को हानि पहुंचाना
महिलाओं के लिए लो ब्लड प्रेशर एक बहुत ही बड़ी समस्या बन सकता है। निम्न रक्तचाप के कारण महिलाओं के कोंख़ या बच्चेदानी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। अगर इस समस्या का समय रहते उपचार न हुआ तो यह महिला के प्रेगनेंसी के दौरान पेट में बच्चा को नुकसान पहुंचा सकता हैं
अनेक अध्ययनों और डॉक्टरों के द्वारा यह बताया गया है कि इस बीमारी के कारण मां के उदर में ही बच्चे की मृत्यु हो सकती है जिसे स्टिल बर्थ कहा जाता है।
अगर आप गर्भवती हैं और निम्न रक्तचाप से पीड़ित हैं तो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि यह आपके और आपके बच्चे के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है।
रक्त चाप के अत्यधिक लो होने से आपको किडनी संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यदि यह बीमारी बढ़ गई तो आपको किडनी फैलियर जैसी गंभीर बीमारी है सकती है और आपको किडनी ट्रांसप्लांट करवाने जैसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
- स्ट्रोक और ब्रेन डिसऑर्डर होना
अनेक अध्ययनों में पाया गया है कि निम्न रक्त चाओ ब्रेन डिसऑर्डर और स्ट्रोक का एक मुख्य कारण हो सकता है। इससे अनेक दिमाग संबंधी बीमारियों की उत्पत्ति हो सकती है और अत्यधिक बढ़ जाने पर आप पागल भी हो सकते हैं।
- शॉक लगना
लो ब्लड प्रेशर में आपका धैर्य बहुत है कमजोर हो जाता है और आपमें किसी सदमें को झेलने को शक्ति नहीं रहती। इससे आपको अचानक बड़ा सदमा लगा सकता है और आपको पैरालिसिस जैसी भयानक बीमारी से जूझना पड़ सकता है।
लो ब्लड प्रेशर के मुख्य कारण:
लो ब्लड प्रेशर के बहुत से कारण हो सकते हैं। निम्न रक्तचाप के मुख्य कारण इसके लक्षण देख कर जाने जाते हैं।
रक्तचाप के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं –
- शरीर में खून की कमी
लो ब्लड प्रेशर का सबसे प्रमुख कारण शरीर में खून की कमी होती है। निम्न रक्तचाप की परिभाषा ही है शरीर में रक्त के बहाव का कम होना। शरीर में कई कारणों से खून की कमी होती है जैसे किसी एक्सिडेंट, बड़ा घाव, या फिर बड़ी बीमारी।
शरीर में खून की कमी होने पर पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। अनार और चुकंदर शरीर में खून की मात्रा को संतुलित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
- पोषण की कमी
शरीर में उचित पोषक तत्वों की कमी के कारण भी रक्तचाप निम्न हो जाता है। ऐसे में आपको बहुत ज्यादा थकावट महसूस होती है और आप कोई भी काम नहीं करना चाहते।
पोषक तत्वों की कमी के कारण शरीर में रेड ब्लड सेल्स (लाल रक्त कोशिकाएं) नहीं बन पाती हैं जिससे ब्लड प्रेशर लो हो जाता हैं
ऐसे में पौष्टिक आहारों का सेवन अत्यंत महत्वपूर्ण है। बाहर का सामान खाना अत्यंत हानिकारक हो सकता है।
- हृदय रोग
निम्न रक्तचाप का एक मुख्य कारण हृदय रोग है। अगर आपको किसी भी प्रकार का हृदय रोग है तो उसको वजह से आपको ब्लड प्रेशर लो हो सकता है।
हृदय रोग के मरीजों का निम्न रक्तचाप होना अत्यंत बुरी सूचना है और ऐसे में आपको तत्काल ही किसी डॉक्टर से दिखलाना चाहिए।
- पानी की कमी
पानी की कमी शरीर में अनेक प्रकार के रोगों का कारण है। पानी की अत्यधिक कमी के कारण रक्तचाप अत्यंत निम्न हो जाता है जिससे आपको अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
अगर पानी की कमी से आपको लो ब्लड प्रेशर की समस्या आ रही है तो शीघ्र ही किसी डॉक्टर से संपर्क करें और पानी चढ़वाएं जिससे कि शरीर में रक्तचाप सामान्य हो सके।
- डिहाइड्रेशन
डीहाइड्रेशन के कारण भी शरीर में लो ब्लड प्रेशर की समस्या आ सकती है। डीहाइड्रेशन मुख्यत घरेलू महिलाओं या गरीब मजदूरों को होता है क्योंकि उन्हें कड़े धुप या पसीने में बहुत कठिन काम करने होते हैं।
हाउसवाइफ या काम करने वाला मजदूर समय समय पर खाने का सेवन नहीं कर पाते और जिससे उनका शरीर इसके मुताबिक ढल जाता है। इस अवस्था में हमारे शरीर को आंत बहुत धीरे धीरे काम करने लगती हैं जिसके कारण रक्त का बहाव भी कम हो जाता है और निम्न रक्तचाप की समस्या होती है।
- एसिडिटी या पेट में गैस होना
शरीर में एसिडिटी होने के कारण शरीर का रक्त चाप निम्न हो सकता है। एसिडिटी या गैस होना ऐसी बीमारी है जिसमे शरीर के पाचन तंत्र के कमजोर होने के कारण खाना अच्छी तरह पच नहीं पाता और अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
हमारे अमाशय के अंदर गैस जमा होने के कारण नशों पर गर्माहट महसूस होने लगती है और धीरे धीरे काफी तेज बुखार आता है। इस प्रक्रिया में हमारे शरीर का बहुत पानी जल जाता है। शरीर कमजोर होने के कारण नशों में उचित मात्रा में रक्त का बहाव नहीं हो पाता और निम्न रक्तचाप की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
लो ब्लड प्रेशर के प्रमुख उपचार:
लो ब्लड प्रेशर को सामान्य करने के अनेक से उपचार मौजूद हैं। रक्तचाप को सामान्य करने के लिए आपको अपने जीवन शैली और खान पान में बदलाव लाना होगा।
आहार
आपके शरीर के स्वास्थ्य में आपके आहार का अत्यंत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। आप क्या खाते हैं इससे आपकी सेहत पर बहुत असर होता है।
निम्नलिखित पदार्थों के सेवन से आप अपने शरीर के रक्तचाप को संतुलित कर सकते हैं।
- अन्य दवाइयों का सेवन बंद करें
अगर आप पहले से बी पी की दवाइयां ले रहे हैं तो और दुसरी प्रकार की दवाइयों का सेवन आपके लिए बहुत ही हानिकारक हो सकता है। अनेक दवाइयों के सेवन से आपके शरीर में रिएक्शन हो सकता है और आपको बहुत प्रकार की बीमारियों और समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
अगर यह समस्या बहुत बढ़ जाए तो मृत्यु का कारण भी बन सकती है।
- खाने में नमक की मात्रा बढ़ाएं
ब्लड प्रेशर का एक मुख्य कारण शरीर में आयोडीन को कमी भी हो सकती है। नियमित नमक का सेवन करने से शरीर में आयोडीन की मात्रा संतुलित रहती है और रक्तचाप सामान्य रहता है।
- ज्यादा पानी पिएं
शरीर में पानी की कमी के कारण रक्तचाप निम्न हो जाता है इसलिए उसके उपचार में पानी चढ़ाया जाता है। डॉक्टर के पास जाने से बचने के लिए दिन में कम से कम 8 ग्लास पानी का सेवन अत्यंत लाभकारी होता है और इससे आपके शरीर का रक्तचाप संतुलित रहता है।
- भोजन थोड़ा थोड़ा कर के खाएं
डॉक्टरों की माने तो अत्यधिक भोजन करना भी रक्तचाप निम्न होने का एक मूल कारण है। शरीर में एक समय में एक पर्याप्त मात्रा में ही भोजन को पचाने कि शक्ति होती है और अधिक भोजन करने पर पानी में युक्त ऑक्सीजन का ज्यादा इस्तेमाल खाने को पचाने में किया जाता है। इससे शरीर में पानी और ऑक्सीजन की कमी होती है जिससे रक्तचाप निम्न हो जाता है और चक्कर आने लगते हैं।
हमारी सलाह है की आप भोजन को छोटे छोटे भागों में बांट कर खाएं। अगर आप पहले दिन में 2 बार खाते थे तो अब उसको 4 कर लें पर आहार की मात्रा में कमी लाएं। इससे पाचन क्रिया संतुलित रहती है।
सारांश:
निम्न रक्त चाप या लो ब्लड प्रेशर शरीर की एक असंतुलित अवस्था है जिसमे शरीर के मुख्य अंगों तक रक्त का संचालन उचित रूप में नहीं हो पाता। लो ब्लड प्रेशर अपने आप में कोई बड़ी बीमारी न होकर अनेक भयानक बीमारियों का सूचक होता है।
लो ब्लड प्रेशर के कारण आपको सुस्ती, चक्कर, आंखों के सामने धुंध, और उल्टी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस बीमारी के अधिक बढ़ जाने पर आपको किडनी डिजीज, स्ट्रोक, नरवस सिस्टम कमजोर होने, और ब्रेन डिसऑर्डर होने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
निम्न रक्तचाप या लो ब्लड प्रेशर के अनेक उपाय और उपचार हैं को इस लेख में वर्णित हैं। इस बीमारी को नजरअंदाज करना आपके लिए जानलेवा हो सकता है। इस बीमारी के किसी भी लक्षण का पता लगते ही शीघ्र डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
